About Swami Vivekananda In Hindi : स्वामी विवेकानंद, जन्म नरेन्द्रनाथ दत्त, एक भारतीय हिंदू भिक्षु थे। वह 19 वीं सदी के भारतीय रहस्यवादी रामकृष्ण के प्रमुख शिष्य थे। विवेकानंद का जन्म मकर संक्रांति पर्व के दौरान 12 जनवरी 1963 को ब्रिटिश भारत की राजधानी कलकत्ता में 3 गौरमोहन मुखर्जी स्ट्रीट में एक बंगाली परिवार में नरेंद्रनाथ दत्ता के रूप में हुआ था। वह एक पारंपरिक परिवार से संबंधित था और नौ भाई-बहनों में से एक थे –
1. अपने जीवन में जोखिम उठाना सीखो , यदि आप जीतते हैं तो आप किसी का नेतृत्व कर सकते हैं और अगर यदि आप हर जाते हैं तो निश्चय ही किसी का मार्गदर्शन कर सकते हैं – स्वामी विवेकानंद
2. शक्ति ही असली जीवन है और कमजोरी मृत्यु के समान है – स्वामी विवेकानंद
3. अनुभव हमारा एकमात्र ही शिक्षक है। हम सभी अपने जीवन के बारे में बात और तर्क कर सकते हैं,परन्तु हम असली सत्य नहीं समझेंगे – स्वामी विवेकानंद
4. यदि आप अपने आप को मजबूत समझते हैं तो आप और मजबूत होंगे – स्वामी विवेकानंद
5. एक विचार लीजिए उस एक विचार को ही अपना जीवन बनाओ। इस मुद्दे के बारे में सोचो, उसका ही सपना देखें , उस विचार पर ही जियो ,आपके शरीर के हर हिस्से को उस विचार से भर दो , दूसरे अन्य विचरों से दूर रहने दें । यह ही सफलता का उच्य मार्ग है – स्वामी विवेकानंद
6. ध्यान मूर्खों को भी साधु बना सकता है परन्तु दुर्भाग्य से मूर्ख लोग कभी भी ध्यान नहीं लगाते – स्वामी विवेकानंद
7. वह सब सिखों जो दूसरों में अच्छा लगे परन्तु उसे अपने भीतर लेकर आयो और उसे अपने तरिके से विज्ञापन करो,दूसरे लोगो जैसा मत बनो – स्वामी विवेकानंद
8. दिल और दिमाग के बीच के संघर्ष में हमेशा अपने दिल का ही पालन करें – स्वामी विवेकानंद
9. वह व्यक्ति अमर है जो बिना किसी चीज़ के ही परेशान होता है – स्वामी विवेकानंद
10. आपको एक स्वामी की तरह काम करना चाहिए न कि एक गुलाम की तरह ,लगातार काम करें, परन्तु दास का काम बिल्कुल न करें – स्वामी विवेकानंद
11. जो भी तुम अपने आप को मानते हो कि वह तुम हो, यदि तुम अपने आप को युग मानते हो, तो तुम कल हो जाओगे। इसमें कोई दोराहा नहीं है – स्वामी विवेकानंद
12. अगर मैं अपने अनंत दोषों के बाद भी खुद से प्यार करता हूं तो मैं सिर्फ कुछ दोषों की झलक के कारण अन्य लोगो कैसे नफरत कर सकता हूं – स्वामी विवेकानंद
13. जब तक आप स्वय पर विश्वास नहीं करते तब तक आप ईश्वर पर विश्वास नहीं कर सकते – स्वामी विवेकानंद
14. आप स्वय ही अपने भाग्य के निर्माता हैं – स्वामी विवेकानंद
15. स्वार्थी मनुष्य अनैतिक है और जो अस्वार्थी है वह नैतिक है – स्वामी विवेकानंद
16. दिन में एक बार स्वय से बात जरूर करें अन्यथा आप इस दुनिया में एक उत्कृष्ट व्यक्ति से मिलने से चूक जाएंगे – स्वामी विवेकानंद
17. सारी शक्ति तुम्हारे अपने अंदर है आप कुछ भी और सब कुछ ही कर सकते हो – स्वामी विवेकानंद
18. हम पुरे संसार को अपने विचारो के अनुसार बांध कर ब्रह्मांड को मापना चाहते हैं और यही हमारी गलती है – स्वामी विवेकानंद
19. स्वयं पर विश्वास रखो सारी शक्ति तुम में ही है। सांप का जहर भी शक्तिहीन हो जाता है, अगर आप इसे मजबूती से नकार दें – स्वामी विवेकानंद
20. यदि आप अंधविश्वास में विश्वास करते हैं तो आप मस्तिष्क हिन् के समान हैं – स्वामी विवेकानंद
21. दुनिया एक महान व्यायामशाला समान है जहाँ हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आए हैं – स्वामी विवेकानंद
22. जो आग हमें गर्म करती है वही आग हमें नष्ट भी कर सकती है , इसमें आग का कोई दोष नहीं है – स्वामी विवेकानंद
23. यह जीवन बहुत लघु है, दुनिया के लोग क्षणिक हैं, लेकिन जो दूसरों के लिए जीते हैं वे अकेले होते हैं, जीवित लोगो की तुलना में अधिक लोग मृत हैं – स्वामी विवेकानंद
24. हम जितने शांत रहते हैं हमारी नसों को उतना ही कम परेशान होना पड़ता है और हम उतना ही अधिक प्यार करेंगे और बेहतर काम कर सकेंगे – स्वामी विवेकानंद
25. अपने आप को जीतो और फिर देखना पूरा ब्रह्मांड ही तुम्हारा होगा – स्वामी विवेकानंद
26. कभी मत सोचें कि आत्मा के लिए कुछ भी असंभव है – स्वामी विवेकानंद
27. स्वयं को कमजोर समझना ही सबसे बड़ा पाप के समान है – स्वामी विवेकानंद
28. उठो, जागो और तब तक मत रुकना जब तक अपने लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए – स्वामी विवेकानंद
